सेतु निगम में पुलों के निर्माण पर बिना मंजूरी ही खर्च करने का मामला सामने आया है। यही नहीं, अधिकारियों-कर्मचारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से कुछ खास लोग ही बार-बार ठेका पा रहे हैं। इसका खुलासा निगम के ही मुख्य परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता ने अपने चार्ज मेमो में किया है।
गुप्ता का हाल ही लखनऊ अंचल से गोरखपुर अंचल में तबादला हुआ है। कार्यभार छोड़ते समय उन्होंने चार्ज मेमो लिखा है। इस पर चार्ज ग्रहण करने वाले अधिकारी सुनील कुमार का भी हस्ताक्षर है।
चार्ज मेमो में बताया गया है कि लखनऊ में गुरु गोविंद सिंह सेतु और किसान पथ सेतुओं पर 10 करोड़ रुपये बिना सक्षम स्तर के मंजूरी के खर्च दिखाए गए हैं। इसी तरह सीतापुर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज पर भी बिना मंजूरी अधिक राशि खर्च हो गई है। नियमानुसार बिना मंजूरी अधिक धनराशि खर्च करना अनियमितता की श्रेणी में आता है।
इन मामलों में संबंधित परियोजना प्रबंधक, सहायक अभियंताओं व लेखा प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। साथ ही लेखा प्रभारी का प्रशासनिक आधार पर तबादला संदीप गुप्ता के स्तर से प्रस्तावित किया गया है।