मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में एक कार्यक्रम में जेल वार्ड, फायरमैन और घुड़सवार पुलिस के 5805 चयनितों में से 12 को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बीते सवा चार साल में चार लाख से अधिक सरकारी पदों पर पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ भर्ती की गई। एक भी नियुक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। जबकि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और वसूली की पारिवारिक महाभारत की भेंट चढ़ जाती थी।
उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आपका चयन प्रतिभा के अनुसार हुआ है। ऐसे में आपकी नौकरी में ईमानदारी दिखनी चाहिए। नौकरी के एवज में मिलने वाला वेतन जनता के सहयोग से दिया जाता है तो जनता के प्रति जवाबदेही भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने उक्त पदों के लिए महिलाओं के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अक्सर अपने क्षेत्र में फायर स्टेशन की मांग करते रहते हैं। फायरमैन की नियुक्ति हो हुई है। अब उनकी मांग भी पूरी हो जाएगी।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बीते सवा चार साल में योगी सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है। हर क्षेत्र में व्यवहारिक परिवर्तन देखने को मिला है। सिर्फ चार लाख लोगों को नौकरी ही नहीं दी र्गई, बल्कि बड़ी संख्या में कार्मिकों का प्रमोशन भी किया गया है। कारागार विभाग के राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने कहा कि जेलों में सीसीटीवी, ड्रोन जैसी आधुनिकतम तकनीक से सुरक्षा तंत्र मजबूत किया गया। अंग्रेजों के जमाने के जेल मैनुअल में जरूरी बदलाव किए गए हैं। अब मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में जेल वार्डर की तैनाती हो रही है। कार्यक्रम के अंत में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने होने वाली भर्तियों के बारे में बताया।
आठ जिलों से बुलाए गए थे 84 अभ्यर्थी
डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि कोरोना के मद्देनजर कार्यक्रम में महज 24 घंटे के भीतर 84 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इनमें लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव और रायबरेली से 35 महिला और 47 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।
अब पुलिस के नाम से खौफ खाते हैं अपराधी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जेलें सवा चार साल पहले अपराधियों के लिए आरामगाह और गिरोह संचालन का केंद्र हुआ करती थीं। अब प्रदेश में अपराधी पुलिस के नाम से खौफ खाते हैं। इस बदलाव में डीजीपी से लेकर सिपाही तक की भूमिका है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट से पहले कहा गया था कि यूपी में कौन निवेश करेगा। उसी उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक दिन में दो लाख 10 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिला। अब निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं।