मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा मंजूर 33 परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। इनके लिए जारी की गई रकम खजाने में वापस की जाएगी। ये ऐसी परियोजनाएं हैं जिन पर अब तक काम शुरू नहीं हुए हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
शासन के नियोजन विभाग में त्वरित आर्थिक विकास योजना संचालित है। इसमें उपलबध रकम से मुख्यमंत्री अपने स्तर से विभिन्न तरह के कार्यों की मंजूरी देते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव सेठीक पहले बड़ी संख्या में विभिन्न तरह के कार्यों को मंजूरी दी थी। इनमें ज्यादातर काम ऐसे थे जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते थे।
इनमें नई सड़कों के निर्माण, पुल के एप्रोच, सड़कों के चौड़ीकरण व उच्चीकरण, नाला निर्माण, सीसी कवर्ड नाले के अलावा बिजली व हैंडपंप लगाने के काम शामिल थे। इनमें सभी के लिए बजट भी जारी कर दिए गए थे। कई विधानसभा क्षेत्रों में 100 से 200 हैंडपंप मंजूर किए गए थे। लेकिन चुनाव आचार संहिता जारी हो जाने और चुनाव आयोग की सख्ती की वजह से तमाम काम नहीं हो पाए।
विशेष सचिव नियोजन अजय यादव ने त्वरित आर्थिक विकास योजना से मंजूर लेकिन शुरू न हो सके सभी 33 कार्यों को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे निरस्त कार्यों की धनराशि राजकोष में जमा कर शासन को एक सप्ताह में सूचित करें।
इस सवाल से सामने आई हकीकत
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद त्वरित आर्थिक विकास योजना से 2012-13 से 1016-17 के बीच स्वीकृत कार्यों का ब्यौरा मांगा था। इसमें पूछा गया था कि इस अवधि मेंकितने कार्य हैं जो पूरे हो गए लेकिन भुगतान अटका हुआ है?
कितने हैं जिन पर काम शुरू हुआ है लेकिन अधूरे हैं? इसके अलावा ऐसे कितने काम हैं जिनको मंजूरी तो दी गई लेकिन वे शुरू नहीं हो सके।
पड़ताल में पता चला कि 51 काम ऐसे हैं जो पूरे हो गए हैं लेकिन भुगतान अधूरा है। 230 काम ऐसे हैं जो शुरू हो गए लेकिन पूरे नहीं हुए हैं। इसके अलावा 33 काम ऐसे हैं जिनके आदेश हो गए लेकिन वे शुरू नहीं हो पाए।
सरकार का फैसला
सीएम योगी आदित्यनाथ
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- योजना में शत-प्रतिशत पूरे हो चुके सभी कार्यों की बकाया रकम का भुगतान करने का आदेश हो गया। ऐसे 51 काम चिह्नित हुए थे।
- अधूरे 230 कामों को पूरा कराने की मंजूरी दी। अब ये काम संबंधित विभाग अपने बजट से कराएंगे।
- चुनाव से पहले मंजूर किए गए 33 कामों को निरस्त करने का फरमान सुनाया गया।