मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को ट्रैक करते हुए उनकी टेस्टिंग की जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाए। पूल टेस्टिंग को प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा कर्मियों को कोविड नियंत्रण प्रशिक्षण एवं अस्पतालों में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय करते हुए इमरजेंसी सेवाओं का संचालन शुरू किया जाए।मुख्यमंत्री सोमवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने 10 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले वाले जिलों में लॉकडाउन को पूरी तरह जारी रखने के निर्देश दिए हैं। योगी ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के नियमों तथा सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कोविड-19 के सैंपल की टेस्टिंग सुविधा नहीं है, वहां टेस्टिंग लैब बनाई जाए। जिन मंडल मुख्यालयों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज नहीं है, उनके जिला चिकित्सालय में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से आम जनता को भी उपचार की प्राथमिक विधि की ट्रेनिंग देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।