मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। वहीं कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूल टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए। पूल टेस्ट के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की जांच करके कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।
उन्होंने कम्युनिटी किचन की तरह शेल्टर होम की जियो टैगिंग कराने के निर्देश दिए। कहा कि कोरोना के उपचार में लगी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स तथा अन्य स्टाफ को हर हाल में मेडिकल इंफेक्शन से बचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने आवास पर कोविड-19 से निपटने के लिए गठित टीम-11 के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और एन-95 मास्क की व्यवस्था की जाए।
अस्पतालों की साफ-सफाई करते हुए लगातार सैनिटाइजेशन कराया जाए। सीएम योगी ने दूसरे राज्यों में रह रहे प्रदेश के लोगों की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश वापसी के निर्देश दिए।