मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छता और सैनिटाइजेशन से न केवल कोविड-19 संक्रमण को, बल्कि संचारी रोगों पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी इसी कार्रवाई का हिस्सा है।
इस दौरान मेडिकल स्क्रीनिंग, सर्विलांस टीम और एंबुलेंस सेवा को सक्रिय रखते हुए बीमारी की स्थिति में मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है। सीएम मंगलवार को यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम की सक्रियता से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। सर्विलांस टीम के पास इंफ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और सैनिटाइजर जरूर होना चाहिए। कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नियमित राउंड ले। पैरामेडिक्स रोगियों की मॉनिटरिंग करें।
सभी तरह के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन उपलब्ध रहे। अस्पताल में फायर सेफ्टी के सभी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी अस्पतालों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के संबंध में पूरी सतर्कता बरती जाए। तटबंध आदि का मरम्मत कार्य प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। बाढ़ राहत शिविर तैयार किए जाएं। टिड्डी दल को नियंत्रित करने के लिए पूरी सतर्कता बरतते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
गौ आश्रय स्थलों की साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गौवंश के लिए चारे की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।