मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नमामि गंगे के परिणाम कानपुर में देखिए। रामायण का पहला बलिदानी जटायु है। जटायु के लिए संरक्षण केंद्र बनाने पड़ रहे हैं। आज केमिकल की वजह से जटायु अस्तित्व को जूझ रहा है। पता नहीं किसने देसी आम और जामुन के पेड़ काटने के आदेश से दिए। ये पृथ्वी केवल मनुष्य के लिए नहीं है। हमें रहना है तो पर्यावरण, नदी, पेड़, जीव जंतुओं के बारे में सोचना होगा। इसमें सरकार, पर्यावरणविद और आम लोगों को जोड़ने से सार्थक परिणाम सामने आएंगे। पर्यावरण बोर्ड इसमें काम कर रहा है।