मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संक्रमण के दौरान एनेस्थीसिया, फिजिशियन, बच्चों और महिलाओं के डॉक्टर्स की सर्वाधिक जरूरत होती है। निजी क्षेत्र में संबंधित विशेषज्ञता के कितने डॉक्टर्स हैं उनकी सूची तैयार करें। इनको प्रशिक्षण दें ताकि जरूरत पर इनसे मदद ली जा सके। इसी तरह के प्रशिक्षण की जरूरत इनके पैरामेडिकल स्टाफ और आयुष विभाग के चिकित्सकों और उनके स्टॉफ को भी होगी। जरूरत पड़ने पर निजी चिकित्सालयों के कितने बेड और वेंटीलेटर उपलब्ध हो सकते हैं इसकी भी सूची तैयार करें।
एक हजार करोड़ का कोरोना केयर फंड तैयार करेंगे
सरकार एक हजार करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटिलेटर, मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी।
इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी। प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा हो।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग यह सुनिश्चित कराए कि जरूरी सामानों का उत्पादन प्रदेश में ही हो। इससे वे सस्ते तो होंगे ही उनकी उपलब्धता भी बढ़ेगी। खादी के कपड़े से ऐसा मास्क तैयार कराएं जिसका दोबारा उपयोग किया जा सके। इसके लिए महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप की मदद लें। ऐसा करने से खादी का प्रचार भी होगा, स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार मिलेगा और मास्क सस्ता होने पर लोग इसे अपनी आदत का हिस्सा बना सकेंगे।
असहयोग करने वालों से सख्ती से पेश आएं
लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों को सख्त संदेश दें। इंदौर जैसी घटना उत्तर प्रदेश में कहीं भी कतई नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोगों पर आपदा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करें। जो भी लोग सरकार से असहयोग करें उनको थोड़ी-थोड़ी संख्या में अलग-अलग कड़ी निगरानी में रखें।
गाजियाबाद के अस्पताल में जिन लोगों ने अराजकता फैलाई है उन सबके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। अगर क्वारंटाइन से कोई भागता है तो इसके लिए वहां के प्रशासन को जवाबदेह बनाएं। ऐसे केंद्र प्राइमरी स्कूलों की जगह बड़े भवनों को बनाएं। लॉकडाउन के अनुपालन में जो लोग बेहतर काम कर रहे हैं उनकी सूची बनाएं। हालात सामान्य होने पर सरकार ऐसे लोगों को सम्मानित करेगी। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से अंकुश लगाएं। अगर जरूरी सामान थोक बाजार से ही ऊंचे दाम पर मिल रहे हों तो उनके खिलाफ भी एक्शन लें।