यूपी की योगी सरकार गरीब पटरी कारोबारियों के लिए संकटमोचक की भूमिका में है। सीएम योगी पीएम आर्थिक पैकेज से नगरीय क्षेत्रों में पटरी, रेहड़ी व्यवसाइयों को 10 हजार तक लोन देने में युद्धस्तर पर जुटे हैं।
पटरी, रेहड़ी व्यवसायियों को यूपी में लोन आसानी से मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानथ टीम-11 के साथ मुख्यमंत्री आवास पर बैठक में रणनीति बने रहे हैं।
आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान सरकार 8.41 लाख पटरी व्यवसायियों को पहले ही 1000 रूपये का भरण पोषण भत्ता और निशुल्क खाद्यान्न दे चुकी है। लगातार सर्वे के जरिए सरकार पटरी व्यसायियों को तलाश करके भरण पोषण भत्ता व निशुल्क खाद्यान्न बांट रही है।
डीबीटी के माध्यम से भरण पोषण भत्ता दिया गया था। भरण पोषण भत्ता देने के लिए डीबीटी का प्रयोग करने के चलते सरकार के पास पटरी व्यवसाइयों को पूरा ब्यौरा उपलब्ध है। इसकी मदद से ही पटरी व्यवसायियों को लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
आज देश के विभिन क्षेत्रों से प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को लेकर 70 और ट्रेनें यूपी पहुंचेंगी। पिछले एक सप्ताह में यूपी में साढ़े छह लाख कामगार व श्रमिक आए हैं। पिछले सप्ताह भारत सरकार ने 350 ट्रेनें चलाईं, इनमें 60 प्रतिशत ट्रेनें यूपी आईं थीं।
चार लाख तीस हजार कामगार व श्रमिक इन ट्रेनों से यूपी आ चुके हैं, जबकि 70 हजार राज्य परिवहन निगम की बसों से और शेष1.5 लाख लोग अन्य वाहनों से पहुंचे हैं। अब तक देश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 13 लाख लोग यूपी पहुंच चुके हैं।
सीएम योगी ने की है बार-बार अपील
पैदल, दो पहिया वाहनों से ना चलें, असुरक्षित यात्रा ना करें, सरकार हर किसी को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर यूपी में देश के सबसे ज्यादा 12.5 लाख की क्षमता का क्वारंटीन सेंटर तैयार हैं।
प्रतिदिन 12 से 15 लाख फूड पैकेट भी वितरित हो रहे
लोगों को क्वारंटीन सेंटरों व घरों तक पहुंचाने के लिए दस हजार से ज्यादा बसें लगाई गई हैं। बसों में निशुल्क यात्रा के साथ ही हर किसी को भोजन व पानी दिया जा रहा है।
सरकार क्वारंटीन सेंटरों में स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत होम क्वारंटीन भेजते वक्त भी कामगारों व श्रमिकों को मुफ्त खाद्यान्न पैकेट व भरण पोषण भत्ता दे रही है।
सीएम ने दे रखे हैं खास निर्देश
बड़ी संख्या के बावजूद किसी भी श्रमिकों व कामगारों को कोई परेशानी न होने दी जाए।