मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस देश का सौभाग्य है कि इस वर्ष दो बड़ी घटनाएं हुई हैं। पहली घटना नरेंद्र मोदी की सरकार को भारत की जनता ने फिर से प्रचंड बहुमत देकर विजयी बनाया है। लोक कल्याण के लिए समर्पित मोदी सरकार को आशीर्वाद दिया है। मोदी सरकार की विजय भारत को महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के साथ ही दुनिया के सामने मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
कहा कि शांति और सौहार्द की बात तभी होती है जब कोई राष्ट्र शक्तिशाली होता है। कमजोर व्यक्ति समाज, राष्ट्र शांत िकी बात नहीं कर सकता। पिछले 5 वर्षों में भारत जिस तरह से आगे बढ़ा है वैश्विक मंच पर ही पहचान भारत के संस्कृति परंपरा के प्रति दुनिया के मन में नया भाव पैदा हुआ है और 21 जून को पूरे विश्व में योग दिवस मनाया जाता है।
इस वर्ष की दूसरी बड़ी उपलब्धि कुंभ महोत्सव रहा। यूनेस्को ने कुंभ महोत्सव को अमूर्त धरोहर घोषित किया तो वहीं कुंभ में 72 देशों के राजदूत 193 देशों के लोगों ने सहभागिता की तो भारत भी कहां पीछे रहता भारत के 24 करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम तट पर डुबकी लगाई। इन दो घटनाओं से दुनिया को एक बड़ा संदेश गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में नकारात्मक आरोप-प्रत्यारोप व विध्वंसात्मक राजनीति करने वाले लोग खारिज कर दिए गए। सकारात्मक सोच की जीत हुई। देश व समाज के लिए जो अंत:करण से सोचेगा देश उसके साथ खड़ा होगा, यह जनता ने दिखाया है।
देश धर्म से हम सुरक्षित है, यहीं से मानवता के कल्याण का संदेश जाता है। हमारे संविधान में भगवान राम का चित्र है, पुष्पक विमान से राम अयोध्या आ रहे हैं, भगवान कृष्ण के संदेश को भी स्थान मिला है। लेकिन 1947 के बाद से बनने वाली सरकारों ने राम के नाम से परहेज किया।
अब रामायण सर्किट से चमक रहे पौराणिक स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने रामायण सर्किट से पौराणिक स्थलों को चमकाने के साथ उसकी आभा के अनुरूप प्रस्तुत करने की पहल की है। दीपोत्सव से दुनिया को जोडऩे का प्रयास हुआ है । अपनी संस्कृति को विस्मृत कर कोई आगे नहीं बढ़ सकता। कहा कि अलग अलग सर्किट के माध्यम से हम अपनी धरोहरों को विकसित कर रहे हैं । अयोध्या की विकास योजनाएं इसी की पहल है।
आपको बता दें कि रामनगरी में विश्व की सबसे ऊंची 221 मीटर की भगवान श्रीराम की मूर्ति स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। पर्यटन विभाग की ओर से भूमि के अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसमें सरयू किनारे 222 लोगों की 28.2864 हेक्टेयर भूमि ली जानी है।
इसमें 66 भवन व 5 मंदिरों के अधिग्रहण का भी प्रस्ताव है। भगवान श्रीराम की मूर्ति के लिए योगी सरकार द्वारा पहले ही 200 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। सरकार इस मूर्ति को भव्यता प्रदान करने की तैयारी में है, ताकि पर्यटकों को लुभाने के साथ-साथ रामनगरी की आध्यात्मिक व धार्मिक आभा को भी विश्व स्तर पर चमत्कृत कर सकें।
मूर्ति के बेसमेंट में स्थापित होगा भव्य म्यूजियम
मूर्ति के बेसमेंट के अंदर एक भव्य हाल होगा, जिसमें एक म्यूजियम स्थापित किया जाएगा। इस म्यूजियम में भगवान विष्णु के सभी अवतारों की जानकारी और अयोध्या रामजन्मभूमि का इतिहास भी दर्शाया जाएगा।
यहां मूर्ति के अलावा विश्राम घर, श्रीराम की कुटिया और रामलीला मैदान भी बनाए जाने का प्रस्ताव है। रामनगरी में स्थापित होने जा रही यह प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी से भी ऊंची होगी। स्टेचू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है, जबकि प्रस्तावित भगवान श्रीराम की प्रतिमा की कुल ऊंचाई 221 मीटर होगी। इसका आधार 50 मीटर का होगा। इसके ऊपर 20 मीटर ऊंचा क्षत्र लगेगा।