उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि केंद्रीय व राज्य महिला आयोगों को सिर्फ गोष्ठियों व जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिलाओं को सशक्त और जागरूक बनाने के लिए उन्हें और अधिक सक्रियता से काम करने की जरूरत है। सरकारें महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें समाज में बराबरी का दर्ज दिलाने के लिए तमाम योजनाएं चल रही हैं। इनसे महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है, लेकिन अभी बहुत काम करने की जरूरत है।
घर से ही शुरू होता है महिला अधिकारों का हनन : रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि योजनाओं के बावजूद महिलाओं पर होने वाले अत्याचार की बहुत शिकायतें आयोगों तक पहुंच रही हैं। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से जुड़े होते हैं। इससे स्पष्ट है कि महिलाओं के अधिकारों का हनन उनके घर से शुरू होता है। जब तक इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगेगी, तब तक महिलाओं पर होने वाले अत्याचार व उत्पीड़न को कम नहीं किया जा सकता। इसके लिए महिलाओं को सबसे पहले अपने घर में पुरुषों की मानसिकता बदलना होगा।
महिलाएं अपने बेटों को ऐसे संस्कार देें कि वे बेटियों पर अत्याचार न करें। यूपी से महिलाओं के उत्पीड़न की सबसे अधिक शिकायतें आती हैं। इस पर विचार करना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। उन्होंने महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतें न सुनने के लिए पुलिस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं से राजनीति में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं को भी बराबर सीटें मिलनी चाहिए।