मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार परंपरागत उद्यमियों के लिए एक और बड़ी योजना लाने जा रही है। इसका एलान उत्तर प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों का भी आह्वान किया कि वे अवध शिल्प ग्राम में अपने परंपरागत उद्योगों का एक-एक शोरूम खोलें। योगी ने कहा कि दुनिया के उद्यमी अगर यूपी में आकर परंपरागत उद्योगों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, तो इसके एवज में प्रदेश सरकार उनकी भी हरसंभव सहायता करेगी।
योगी आदित्यनाथ शनिवार को अवध शिल्प ग्राम में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के हुनर हाट के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। योगी ने कहा कि पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण प्रदेश के परंपरागत उद्योग-धंधे ठीक से विकास नहीं कर सके। हमारी सरकार ने प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों के प्रोत्साहन के लिए एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना प्रांरभ की।
इसकी घोषणा वर्ष 2018 में पहली बार मनाए गए यूपी के स्थापना दिवस समारोह में की गई थी। इसके तहत परंपरागत उद्यमियों के लिए देश-विदेश में होने वाली प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने के अलावा अनुदान योजना भी शुरू की गई। इसी का परिणाम है कि यूपी का निर्यात 8 फीसदी से बढ़कर 28 फीसदी हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत उद्योगों के विकास के लिए जमीन का बंदोबस्त करने की चुनौती भी नहीं होती, क्योंकि लोग अपने घरों में ही काम करते हैं। कम पूंजी में ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है।
महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज और स्वावलंबी बनाए जाने का सपना भी इन्हीं के माध्यम से पूरा हो सकता है इसलिए हमारी सरकार ने वर्ष 2019 में इनके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रारंभ की। इसमें न सिर्फ ओडीओपी उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, बल्कि उनके कार्य से संबंधित टूल किट्स भी निशुल्क दी जाती है। विभिन्न योजनाओं में उन्हें बिना गारंटी लोन दिलवाने में भी मदद दी जाती है। योगी ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। प्लास्टिक व थर्माकोल के उत्पादों का मिट्टी के सस्ते बर्तन अच्छा विकल्प हो सकते हैं। कुम्हारों को अप्रैल से जून तक गांव के तालाबों से मुफ्त मिट्टी देने की व्यवस्था की है।