मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट की संख्या में वृद्धि की जाए। आरटीपीसीआर मशीन से किए जाने वाले टेस्ट की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने प्रतिदिन 1.50 लाख टेस्ट सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यक मैनपावर की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोक भवन में उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विलांस को बेहतर करने के साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा डोर-टू-डोर सर्वे का कार्य भी सघन रूप से संचालित किया जाए। कोविड-19 से बचाव संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी गतिविधियां शुरू होनी चाहिए।
कोविड-19 के संक्रमण के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया ताकि लोग घबराएं नहीं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के बाल रोग चिकित्सा संस्थान को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों से मलेरिया के मामले संज्ञान में आए हैं। इन जिलों में तत्काल मेडिकल टीमें भेजी जाएं और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
हर हाल में रहे कार्मिकों की 50 फीसदी उपस्थिति
सीएम ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अवकाश पर रहने वाले तथा अस्वस्थ कार्मिकों को छोड़कर कार्यालय अवधि में 50 प्रतिशत कर्मियों की उपस्थिति हर हाल में रहनी चाहिए। उन्होंने सभी अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों को अपने अधीनस्थ विभागाध्यक्ष कार्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि सुबह 9:30 बजे अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
नीट व जेईई परीक्षाओं का समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नीट व जेईई परीक्षाओं के आयोजन का समर्थन करती है। 9 अगस्त को राज्य में हुई बीएड की प्रवेश परीक्षा में लगभग 5 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा में कहीं से संक्रमण की कोई समस्या संज्ञान में नहीं आई। इसी तरह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी कराई गई है।
11 से 1 बजे तक जनता की समस्याएं सुनें डीएम
योगी ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी प्रतिदिन सवेेरे 9 से 10 बजे तक कोविड-19 से जुड़े कार्यों की समीक्षा करें। 10 से 11 बजे तक शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण करें। सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच कार्यालय में जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। इसी प्रकार की व्यवस्था तहसील एवं विकास खंड स्तर पर भी लागू की जाए। अपरिहार्य परिस्थितियों में जिलाधिकारी या तहसील में उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अन्य जिम्मेदार अधिकारी इस शिड्यूल के अनुरूप कार्यवाही करें। उन्होंने पुलिस के स्तर पर भी ऐसी ही व्यवस्था लागू किए जाने के निर्देश दिए।
उर्वरकों के वितरण में गड़बड़ी पर करें कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उर्वरकों के वितरण की व्यवस्था को और सुचारु बनाते हुए इसकी मॉनिटरिंग की जाए। किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों पर कार्रवाई की जाए। बाढ़ प्रभावित किसानों को फसलों के लिए मुआवजा राशि का समय से वितरण किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।