मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बृहस्पतिवार को नव चयनित नायब तहसीलदारों से संवेदनशील होकर कार्य करने की नसीहत दी। कहा कि आपकी कार्यशैली जनता के प्रति जवाबदेह होगी तो किसी को ‘मैं जिंदा हूं’ की तख्ती लेकर नहीं बैठना पड़ेगा। जमीन की पैमाइश आदि के काम में निष्पक्षता से काम करने की सलाह देते हुए कहा आप एक अच्छे अधिकारी तभी साबित होंगे जब जनता को समय सीमा के भीतर न्याय देंगे।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को लोकभवन में 700 चयनित अधिकारियों के नियुक्ति पत्र बांटने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनियुक्ति अधिकारियों से भ्रष्टाचार, जातिवाद व भेदभाव पर बड़ा प्रहार करने का आह्वान किया। कहा कि किसी भी प्रकार का वाद प्रदेश के विकास में बाधक है। छह साल पहले तक यूपी की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में थी, क्योंकि जगह-जगह बेईमान व भ्रष्ट लोगों को बैठा दिया जाता था। कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने बिना भेदभाव के काम करना शुरू किया। इसी का परिणाम है कि अब तक साढ़े पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं। यूपी देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
नवनियुक्त अधिकारियों से कहा कि आपके सार्वजनिक जीवन का कालखंड करीब 30-35 साल रहेगा। इसमें आपके सामने खुद की नई पहचान बनाने की कड़ी चुनौती होगी और वह आपके काम से बनेगी। इसलिए आपको सरकार के अंग के तौर पर जातिवाद, भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद और भ्रष्टाचार से दूर रहकर निष्पक्षता और पारदर्शिता से काम करने का संकल्प लेना होगा।