मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में मंगलवार को घटित घटना को लेकर सपा पर हमला बोला। हाथरस की घटना ने टोपी को एक बार फिर से कठघरे में खड़ा किया है। घटना से जुड़े एक टोपी वाले अपराधी के संबंध में सोशल मीडिया पर चली खबर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह टोपी वाला कौन था? मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिर क्या वजह है कि हर अपराधी के साथ समाजवादी शब्द जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि सपा की हाथरस में बुधवार को होने वाली रैली में सपा के लोगों के साथ उस अपराधी के भी पोस्टर लगे हैं।
विधानसभा में बजट का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने हाथरस की घटना पर सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीड़ित बालिका चिल्ला-चिल्लाकर सपा और उस अपराधी के रिश्ते को बता रही है। आप सच को नहीं झुठला सकते। इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के आरोपों को मिथ्या बताते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सपा ने समाजावदी आंदोलन को अस्वभाविक, अव्यवहारिक, अमानवीय बना दिया। उन्होंने कहा कि सपा के नेताओं में सच को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने मुख्यमंत्री के बयान का विरोध करते हुए कहा कि वे सदन का, नेता सदन का सम्मान करते हैं। लेकिन सदन में ओसत्य को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मान बरकरार रहना चाहिए। उन्होंने एक फोटो दिखाई जिसमें आरोपी भाजपा के एक सांसद के साथ दिख रहा है।
धोखा खा जाते हैं रामगोविंद
मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के बजट भाषण के दौरान सदन में रहना चाहते थे। उन्होंने वित्त मंत्री और चौधरी के मित्र सुरेश खन्ना के जरिए कहा भी था कि यदि चौधरी अपना भाषण दोपहर 3 बजे रखें तो वे सदन में रहेंगे। लेकिन चौधरी नहीं माने, कहा कि जब जब चौधरी अपने मित्र खन्ना की बात नहीं मानते हैं तो वे धोखा खा जाते है।
62 विधायकों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक विधानसभा में बजट पर भाजपा के 39, सपा के दस, अपना दल के तीन, बसपा के पांच, कांग्रेस के तीन और सुभासपा के दो सदस्यों ने अपने विचार रखे। इस प्रकार कुल 62 सदस्यों ने बजट पर चर्चा में हिस्सा लिया
आप हमेशा मित्र को धोखा देते हैं
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि आपको अपने मित्र सुरेश खन्ना के बजट पर तो भरोसा रखना चाहिए था, लेकिन आप हमेशा मित्र को धोखा देते हैं। सदन में एक विधायक ने कहा कि लालजी वर्मा को भी धोखा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लालजी वर्मा तो बहुत सारी बातों को पेट में रखते हैं, बोलते नहीं है।