मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और अपराध में शामिल पुलिस कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाएं। गृह विभाग के अधिकारियों के साथ रविवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति रही है। इसी के तहत अधिकारियों को काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज कुंभ, प्रवासी भारतीय दिवस और कोरोना के संकट के समय पुलिस ने सराहनीय काम किए हैं, जिससे लोगों का दृष्टिकोण पुलिस के प्रति बदला है। उन्होंने जांच एजेंसियों को पेशेवर तरीके से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सत्र के बजट की शेष राशि को समय से खर्च की जाए। पुलिस विभाग में चल रहे कामों में तेजी लाई जाए और समय से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि फारेंसिक साइंस लैब के निर्माण, प्रदेश के 44 जिलों में पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए बन रहे हॉस्टल, पुलिस लाइन, पुलिस थाने और चौकियों के निर्माण कार्य जो चल रहे हैं उसे मानक के अनुरूप, गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी शाखाओं के अधिकारियों से उनके विभाग में किए गए कामों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जेल विभाग के अधिकारियों से विभिन्न जिलों में बन रही जेलों के निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में पूछा। उन्होंने निर्माण कार्यों को इसी बजट सत्र में पूरा करने के निर्देश दिए।