कलेक्ट्रेट सभागार में तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में जब राजधानी की बारी आई तो सीएम का फोकस सफाई व्यवस्था और अधूरे पुलों को पूरा करने पर रहा। शहर से जुड़े कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने उठाए गए।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, सीडीओ प्रशांत शर्मा और नगर आयुक्त उदय राज सिंह उस वक्त सकते में आ गए जब सीएम ने खुद शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने की बात कही। सीएम ने नगर आयुक्त उदय राज सिंह से सफाई को लेकर नाखुशी जताई और स्पष्ट कहा कि शहर की सफाई में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया और कहा कि वह जल्द ही औचक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर नहीं दिखने चाहिए। वहीं, शाम को ट्वीट कर सीएम ने 19 जून तक शहर में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। हालांकि इस दौरान सीएम ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
वहीं, साढ़े तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर छावनी बना रहा। आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गईं थीं। उधर, बैठक खत्म होने के बाद लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला व महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह यादव 'जीतू' व अन्य पदाधिकारियों ने सीएम से मुलाकात की। वकीलों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और सदर तहसील शिफ्ट करने की मांग की।
बैठक में दिखा डेंगू का खौफ, रोकथाम के कदम तत्काल उठाने का निर्देश
उत्तर सीट से भाजपा विधायक नीरा बोरा ने आईआईएम से पक्का पुल बंधे तक का काम अधूरा पड़ा रहने का मुद्दा उठाया। सीएम को बताया गया कि मानसून आने का समय करीब आ चुका है।
अगर समय रहते इस बंधे का कार्य पूरा नहीं कराया गया तो बरसात में एक बार फिर फैजुल्लागंज के लोगों को बाढ़ के साथ डेंगू के डंक का कहर झेलना पड़ेगा।
इस पर सीएम ने जिलाधिकारी को अधूरे पड़े बंधे के काम की समीक्षा कर इससे जुड़े विभागों के साथ बैठकर अधूरे पड़े कार्य को बरसात शुरू होने से पहले पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी डेंगू की आशंका वाले सभी इलाकों में समय से पहले ही इसकी रोकथाम के उपाय करने को कहा है।
सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि कि शहर के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न होने पाए। दवाएं व जांच तुरंद उपलब्ध कराई जाए। किसी भी तरह की शिथिलता व ढिलाई सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
अधूरे अटके फ्लाईओवर, अंडर पास को जल्द पूरा करें
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बैठक में शामिल पूर्वी विधान सभा से विधायक व कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने सालों से अधूरे पड़े फ्लाईओवर व अंडर पास प्रोजेक्ट का मामला उठाया।
सीएम से हस्तक्षेप कर जनसमुदाय के हित में इन्हें शीघ्र पूरा कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन बीते कई सालों से इन कार्यों के निस्तारण में रोड़ा बनी सेना के स्वामित्व से जुड़ा जमीन का मसला नहीं सुलझा पा रहा है।
इस पर सीएम ने मंडलायुक्त अनिल गर्ग व डीएम कौशल राज शर्मा को कुकरैल फ्लाईओवर व अंडर पास और पिपराघाट फ्लाईओवर का काम जमीन विवाद का स्वामित्व शीघ्र निस्तारित कराते हुए पूरा करवाने का निर्देश भी दिया।
बरसात से पहले दुरुस्त करें जल निकासी
कैबिनेट मंत्री व कैंट विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने भी बरसात से पहले शहर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की। इस पर सीएम ने एलईडी स्ट्रीट लाइट, सभी नालों की सफाई तथा बरसात से पहले जलभराव से बचने के लिए समुचित उपाय करने का निर्देश दिया। सुनिश्चित कराने का निर्देश भी दिया। बिजली-पानी और जन शिकायतों के निस्तारण में सुस्ती पर नाराजगी जताई।