कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की बीएड 2014-15 की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी गई है। तमाम कॉलेज संचालक बोलकर नकल करवा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को मिली है।
पूरा मामला अनफेयर मींस कमेटी (यूएफएम) कमेटी के पास भेजा गया है। यही कमेटी आगे की कार्रवाई करेगी। तमाम नकलची भी पकड़े गए हैं।
दूसरी तरफ थाने में महिला की हत्या और तनाव के कारण सीतापुर के महमूदाबाद स्थित चार कॉलेजों की बीएड, एमएड और एमपीएड 2014-15 की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार को नहीं कराई जा सकी हैं। इनके स्टूडेंटों की परीक्षा कब होगी, यह अभी तय नहीं है।
बीएड, एमएड और एमपीएड की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हुईं। पहले दिन की परीक्षा में तमाम जगह अव्यवस्था रही। परीक्षा केंद्रों पर कॉपी, पेपर देर से पहुंचे।
प्रवेश पत्र में त्रुटियां ठीक कराने में स्टूडेंटों को परेशानी हुई। परीक्षा केंद्र बदलने में भी नियम, मानक दरकिनार कर दिए गए। तमाम छात्राएं ऐसी हैं, जिनके परीक्षा केंद्र ब्वायज डिग्री कॉलेजों में भेजे गए हैं। इस पर छात्राओं ने कहा कि परीक्षा केंद्र बदलने के नियम नही हैं, फिर भी 25 से कम छात्राओं वाले कॉलेजों के सेंटर बदले गए हैं।
सामूहिक नकल की खबरें कई जगहों से
वहीं, डीबीएस कॉलेज में कॉपी, पेपर देर से पहुंचने पर स्टूडेंटों ने हंगामा किया। दूसरी तरफ सरस्वती महिला महाविद्यालय विजय नगर में जीरो बैलेंस पर एडमिशन लेने वाली 17 छात्राओं को बीएड की परीक्षा देने की अनुमति मिल गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से कहा गया है कि संबंधित छात्राओं की फीस जल्द ही रिफंड कराई जाएगी। ऐसा नहीं हुआ तो छात्राओं का रिजल्ट रोका जा सकता है। मंगलवार को संबंधित छात्राओं को पेपर देने दिया गया।
दूसरी तरफ कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, फतेहपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, कौशांबी, अमेठी और इलाहाबाद के तमाम कॉलेजों में सामूहिक नकल कराने की रिपोर्ट मिली है।
इन कॉलेजों की परीक्षा नहीं हुई
यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक सीतापुर के महमूदाबाद स्थित फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय महाविद्यालय की परीक्षा मंगलवार को नहीं कराई जा सकी है। ये कॉलेज नोडल सेंटर है। वहां से तीन और कॉलेज (मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्युमिनिटिज साइंस एंड टेक्नोलॉजी, महमूदाबाद कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी) जुड़े हैं, जिनके बीएड, एमएड और एमपीएड के स्टूडेंटों की परीक्षा नहीं हुई है। इन कॉलेजों में बीएड के 319 स्टूडेंट हैं।