गोमती तट पर सजी चौपाल, नाव में गूंजे फाग
- फोटो : संवाद
लखनऊ। मचो फाग घनघोर आज होरी झूम री... जैसे होली गीतों के बीच सोमवार को कुड़ियाघाट पर उड़ते गुलाल के बीच लोक संस्कृति शोध संस्थान की ओर से लोक चौपाल का आयोजन किया गया। फागोत्सव में पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति के साथ एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान नाव में बैठकर सामूहिक फाग का गायन पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
चौपाल का शुभारंभ अर्चना गुप्ता ने श्रीराम स्तवन से किया। इसके बाद होरी खेलें रघुवीरा अवध मा..., मत मारो श्याम पिचकारी..., खेलें मसाने में होरी दिगम्बर..., फागुन ऐसा सलोना सिपाही..., मचो फाग घनघोर आज होरी झूम री... के साथ ही पारंपरिक फाग की प्रस्तुतियां हुईं। संस्थान की सचिव डॉ. सुधा द्विवेदी ने बताया कि परंपरा के अनुसार संस्थान से जुड़े सदस्य विभिन्न स्थानों पर होने वाली संगीत बैठकों में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव, डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, डॉ. एसके गोपाल, इंदु सारस्वत, अपर्णा सिंह, प्रो. सीमा सरकार, अमिताभ राय, कविता सिंह, मनोरमा मिश्रा, सीमा अग्रवाल, देवेश्वरी पंवार, रीता पांडेय, ज्योति किरन रतन आदि उपस्थित रहे।
गोमती तट पर सजी चौपाल, नाव में गूंजे फाग- फोटो : संवाद
गोमती तट पर सजी चौपाल, नाव में गूंजे फाग- फोटो : संवाद
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