लखनऊ। गोमती नगर में समतामूलक चौक व प्रतीक स्थल के मध्य स्थित चटोरी गली (आशा ज्योति लेन) करीब 10 साल बाद गुलजार होगी। बसपा सरकार में इसका निर्माण हुआ था, मगर यह कभी सही से शुरू नहीं हो सकी। बीच-बीच में प्रयास हुए, मगर वह सफल नहीं हुए। ऐसे में यहां बनी दुकानें खाली पड़ी हैं।
अब स्मारक समिति ने निजी कंपनियों को पांच साल का ठेका दिया है। आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है। करीब तीन महीने में चटोरी गली में दुकानें व्यंजनों से सज जाएंगी।
समिति के मुख्य प्रबंधक व एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि समतामूलक चौक व प्रतीक स्थल के मध्य स्थित आशा ज्योति लेन में 40 वर्गमीटर से 80 वर्गमीटर क्षेत्रफल की 10 दुकानें हैं। इसके अलावा 220 वर्गमीटर क्षेत्रफल का एक आउटलेट बना है। ये दुकानें कई वर्षों से बंद पड़ी हैं। स्मारक समिति के सदस्य सचिव प्रथमेश कुमार के निर्देश पर इन दुकानों को संचालित करने के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) आमंत्रित की गई थी, जिसमें विभिन्न कंपनियों ने रुचि दिखाते हुए प्रस्ताव दिए।
इसके आधार पर दिल्ली व लखनऊ की दो निजी कंपनियों को चटोरी गली के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।