परोपकार और करुणा है सच्चे धर्म की बुनियाद
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को तुलसीदास और प्रेमचंद की जयंती पर गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल ने कहा कि तुलसीदासजी की सीख थी कि परोपकार और करुणा सच्चे धर्म की बुनियाद हैं। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता, ज्ञान परंपरा और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर आगे चलना होगा। गोष्ठी में बीबीएयू के संकायाध्यक्ष प्रो. राम पाल गंगवार, हिन्दी विभाग के प्रो. सर्वेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक (राजभाषा), डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव, डॉ. शिव शंकर यादव ने भी अपनी बात रखी।