बसपा शासनकाल में स्मारकों और पार्कों के निर्माण में हुए घपले में आरोपी बनाए गए पीडब्ल्यूडी के दोनों इंजीनियरों को आरोप पत्र दे दिए गए हैं। इस मामले में आरोपी राजकीय निर्माण निगम के तीन इंजीनियरों को पहले ही आरोप पत्र दिए जा चुके हैं। शासन ने जांच अधिकारी को तफ्तीश में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।
मायावती के राज में राजधानी में कई स्मारक और पार्क बनवाए गए थे। लोकायुक्त की जांच से पता चला कि इनमें लगाए गए पत्थरों के रेट न सिर्फ ज्यादा दिए गए, बल्कि उन्हें तराशने के लिए बाहर भेजा गया। जबकि, यह काम काफी सस्ते में राजधानी में ही किया जा सकता था।
लोकायुक्त की रिपोर्ट मिलने पर इस मामले में शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और बाबूसिंह कुशवाहा, खनन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक एवं सलाहकार सुहेल अहमद फारूकी और 91 अन्य लोगों के खिलाफ थाना गोमतीनगर में केस भी दर्ज कराया गया।
इसके अलावा अगस्त 2013 में राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक (तकनीकी) एसके त्यागी, महाप्रबंधक (सोडिक) कृष्ण कुमार, महाप्रबंधक एस. कुमार, महाप्रबंधक अवनि कुमार और महाप्रबंधक अरविंद त्रिवेदी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।