मुरादाबाद में एसएसपी रहने के दौरान मातहतों से मारपीट करने वाले राजेश मोदक और मुजफ्फरनगर हिंसा में निलंबित कर हटाए गए सुभाष दुबे को शासन ने आरोप पत्र जारी कर दिया है।
दोनों अधिकारियों को जारी आरोप पत्र डीजीपी मुख्यालय भेजे गए हैं। अब आईजी कार्मिक इन्हें संबंधित अधिकारियों को भिजवाएंगे।
आईजी कानून-व्यवस्था राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि आरोप पत्र मिलने के बाद दोनों अधिकारियों को अपना पक्ष रखना होगा।
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उनके पक्ष का परीक्षण करने के साथ ही उनके खिलाफ प्रस्तावित विभागीय कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
दोनों अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए जाने की पुष्टि विशेष सचिव गृह सरोज कुमार ने की।
मातहतों से मारपीट के कारण चर्चा में आए थे मोदक
राजेश मोदक पिछले दिनों तब चर्चा में आए थे जब मुरादाबाद का एसएसपी रहने के दौरान उन्होंने अपने बंगले पर तैनात फॉलोवरों के साथ मारपीट की थी।
इस मामले के तूल पकड़ने पर मोदक को निलंबित कर पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।
कुछ दिनों पहले मातहत अधिकारियों के साथ विवाद के बाद वाराणसी के एसएसपी अजय मिश्र के हटाए जाने पर राजेश मोदक को वाराणसी जिले की कप्तानी सौंप दी गई थी।
मुजफ्फरनगर में हिंसा काबू में न आने पर हटाए गए थे दुबे
मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद जब वहां की एसएसपी मंजिल सैनी को हटाया गया था तब सुभाष दुबे को तैनात किया गया था।
लेकिन सांप्रदायिक हिंसा काबू में न आने की वजह से सुभाष दुबे को भी बाद में निलंबित कर हटा दिया गया था। उन पर लापरवाही बरतने का आरोप था।
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सरकार के प्रवक्ता ने तब कहा था कि दोनों अधिकारियों को इस बाबत आरोप पत्र दिया जाएगा अर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी की जाएगी।