50 करोड़ रुपये खर्च कर 6784 वर्गमीटर में होगा निर्माण
लखनऊ। चारबाग बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। बस अड्डे का नक्शा पास हो गया है। बिल्डिंग की डिजाइन भी अपूव कर दी गई है। जल्द ही यहां छह मंजिला बस अड्डा तैयार होगा।
रोडवेज के चारबाग बस अड्डे की मिट्टी की टेस्टिंग बीते अप्रैल में हो चुकी है। वहीं अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन को लेकर जो अड़चनें पैदा हुई र्थी, उन्हें भी दूर कर लिया गया है। ऐसे में चारबाग बस अड्डा 6784 वर्गमीटर में बनेगा, जिस पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। लखनऊ में चारबाग के अतिरिक्त गोमतीनगर में पीपीपी मॉडल पर बस अड्डे का निर्माण शुरू कर दिया गया है। यहां चार साल में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद चारबाग बस अड्डे पर काम शुरू होगा। चारबाग का नक्शा पास हो गया है। वहीं अमौसी वर्कशॉप को भी पीपीपी मॉडल पर बस स्टेशन बनाया जाना है। बस अड्डे के तैयार हो जाने पर यात्रियों को वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, शॉपिंग मॉल, प्रतीक्षालय, एस्केलेटर व लिफ्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
350 बसों से 25 हजार यात्री करते हैं सफर
चारबाग बस अड्डे से प्रतिदिन 350 बसों का संचालन होता है, जिससे तकरीबन 25 हजार यात्री सफर करते हैं। कानपुर, रावयेरली, गोरखपुर, अयोध्या, फतेहपुर, मौरावां, उन्नाव, हैदरगढ, अयोध्या, बहराइच, वलरामपुर, गोडा आदि के लिए बसों का संचालन होता है।
बसों की शिफ्टिंग पर मंथन
चारबाग से चलने वाली बसों की शिफ्टिंग को लेकर पंच अटका हुआ है। निमर्माण कार्य के दौरान बसों को आलमबाग से चलाने की योजना है। इस पर आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। निमर्माण कार्य शुरू होने की तारीख की घोषणा होने से पहले वसों की शिफ्टिंग पर मंथन शुरू कर दिया गया है।