लखनऊ। अगले महीने के लिए जिले के 7.60 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त राशन उपलब्ध कराने की शुरुआत ही निराशाजनक रही। शासन ने 20 जुलाई से 10 अगस्त तक खाद्यान्न वितरण की तिथि निर्धारित की थी और कोटेदारों को निर्देश दिए थे, लेकिन कमीशन की धनराशि न मिलने के विरोध में कोटेदार संगठन ने 20 से 22 जुलाई तक सांकेतिक हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके चलते अधिकांश कोटे की दुकानों पर ताले लटके रहे और उपभोक्ता दिनभर राशन के लिए भटकते रहे।
रविवार होने के कारण जिम्मेदार अधिकारियों ने भी पहले दिन की व्यवस्था का जायजा लेना जरूरी नहीं समझा। हजरतगंज क्षेत्र के मोहल्ला नरही स्थित कोटे की दुकान पर दोपहर करीब 12 बजे तक ताला लटकता रहा। संकरी गली में स्थित इस दुकान पर 3,611 उपभोक्ता निर्भर हैं। कुछ लोग दुकान खुलने की प्रतीक्षा कर रहे थे, कुछ लौट चुके थे। कोटेदार रामजतन साहनी का नंबर बोर्ड पर लिखा था, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था।
इसी तरह जाॅपलिंग रोड स्थित मॉडल हाउस सहकारी समिति की दुकान भी बंद मिली। दुकान पर अधिवक्ताओं की नेमप्लेट लगी होने से यह स्पष्ट नहीं हो रहा था कि यह अधिवक्ताओं का चैंबर है या राशन की दुकान। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोटेदार सुबह आए थे और चबूतरे की मरम्मत कराकर लौट गए। शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही स्थिति रही, कुछ दुकानों को केवल औपचारिकता के लिए कुछ देर खोला गया, तो कई खुली ही नहींं।
उपभोक्ताओं की शिकायतें:
Iमेरा राशन जाॅपलिंग रोड की दुकान से जुड़ा है। वह बंद मिली तो नरही गई, वहां भी ताला लटका था। कोटेदार फोन भी नहीं उठा रहे।I
I- सीमा, उपभोक्ताI
Iनरही में मेरी पत्नी के नाम से राशन कार्ड है। दो बार आ चुका हूं, ताला बंद मिला। दुकान पर यह भी नहीं लिखा कि राशन कब मिलेगा।I
I- सुनील चौहान, उपभोक्ताI
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Iहर महीने परेशानी होती है। कोटेदार कब राशन देंगे, कुछ तय नहीं रहता। कई बार आना पड़ता है।I
I- नरेश कुमार, उपभोक्ताI
डीलर संगठन का पक्ष:
पांच महीने से कमीशन का भुगतान नहीं हुआ है। विरोध में 20 से 22 जुलाई तक हड़ताल है, इसलिए दुकानें बंद हैं।
- विजयपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष, ऑल इंडियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन
प्रशासन का जवाब
रविवार से वितरण के निर्देश दिए गए थे। वितरण से जुड़ी शिकायतों की जानकारी सोमवार को ली जाएगी।
- विजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन की दुकान में लगा ताला।