फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: बदलता मौसम और प्रदूषण पैदा करता है निमोनिया का खतरा

विज्ञापन
डॉ. पियूष उपाध्याय।
विज्ञापन
लखनऊ। बच्चे हों या बुजुर्ग, दोनों के लिए बदलता मौसम और प्रदूषण निमोनिया का खतरा पैदा कर रहे हैं। सर्दी बढ़ते ही अस्पतालों में इनके मरीज भी बढ़ने लगे हैं। डॉक्टरों ने निमोनिया से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
विज्ञापन

केजीएमयू में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) वाले लोगों को निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। इससे फेफड़ा कमजोर होता है और उसमें संक्रमण हो जाता है।
निमोनिया की भारतीय गाइडलाइन के सहलेखक डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि निमोनिया की बीमारी में फेफड़े के एक या दोनों हिस्सों में सूजन आ जाती है और पानी भी भर जाता है। आमतौर पर यह संक्रमण के कारण होता है। बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी रोगाणु इसके प्रमुख कारण हैं। टीबी के संक्रमण से भी फेफड़ों में निमोनिया हो सकता है।
विज्ञापन

संक्रामक रोगों में 20 फीसदी मौतें निमोनिया से, वैक्सीन से संभव है बचाव
प्रो. सूर्यकांत ने बताया कि देश में संक्रामक रोगों से होने वाली कुल मौतों में लगभग 20 फीसदी की वजह निमोनिया है। निमोनिया का प्रमुख कारण न्यूमोकोकस जीवाणु होता है। इससे बचाव के लिए न्यूमोकोकल वैक्सीन लगवाना चाहिए। यह वैक्सीन 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के साथ ही जटिल हृदय, लिवर और किडनी रोगियों, अस्थमा या गंभीर श्वास संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों, मधुमेह और एड्स पीड़ितों, शराब सेवन करने वालों और तिल्ली निकलवा चुके व्यक्तियों को लगवानी चाहिए।
कोविड का प्रोटोकॉल करेगा निमोनिया से बचाव
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पियूष उपाध्याय के मुताबिक, निमोनिया से बचाव के लिए हमें कोविड महामारी में अपनाई गई सावधानियां अपनानी चाहिए। इसका संक्रमण भी छींकने और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसलिए हाथ धोने और मास्क लगाने की आदत डालें।
विज्ञापन

निमोनिया के मुख्य लक्षण
तेज बुखार, खांसी, बलगम, सीने में दर्द, सांस फूलना, मतली, उल्टी, भूख में कमी, थकान और शरीर का ठंडा पड़ना।
निमोनिया से बचाव के लिए करें
पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, धूम्रपान, शराब और अन्य नशे से पूर्णतः परहेज, मधुमेह और अन्य बीमारियों पर नियंत्रण।

डॉ. पियूष उपाध्याय।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें