दो हजार रुपये के नोट जारी होने के बाद सरकारी विभागों में कमीशनबाजी का खेल भी बदल गया था। सारे लेनदेन में यही नोट इस्तेमाल होने लगे। अब जब इन्हें चलन से बाहर करने का निर्णय लिया गया है तो इन नोटों को दबाए बैठे कमीशनबाज अफसर टेंशन में आ गए हैं और इन्हें खपाने की जुगत में लग गए हैं। ऐसे कमीशनबाज अफसर सेतु निगम, पीडब्लूडी, जल निगम, स्वास्थ्य, नगर निगम, रेलवे, इनकम टैक्स आदि विभागों में भरे पड़े हैं। रेलवे से जुड़े एक ठेकेदार ने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो कमीशन पर दो हजार रुपये के नोट बदलवाने का दावा कर रहे हैं। ये एक नोट पर 500 से 1000 रुपये कमीशन मांग रहे हैं। रेलवे के कई बड़े अफसर इन कमीशनबाजों के जरिये नोट बदलवाने की जुगत में हैं।
सराफा से लेकर कपड़ा बाजार तक में बढ़े 2000 के नोट
धीरे-धीरे बाजार में दो हजार के नोट एक बार फिर दिखने लगे हैं। सराफा बाजार, थोक बाजार, कपड़ा बाजार हर कहीं खरीदार दो हजार का नोट लेकर पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि जो नोट दिखना ही बंद हो गए थे, अचानक से लोगों के हाथों में नजर आने लगे हैं। अमीनाबाद के कारोबारी व लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारी विनोद अग्रवाल ने कहा कि दो हजार के नोट खपाने के लिए ग्राहकों ने खरीदारी बढ़ा दी है। वहीं सराफा कारोबारी रवीन्द्र नाथ रस्तोगी कहते हैं कि कुछ समय पहले तो एक दो हजार की एक गड्ढी नहीं बन पाती थी, अब दो-तीन गड्डी बन जा रही है।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा कहते हैं कि बाजार में 2000 रुपये के नोट तेजी से बढ़ रहे हैं। एक कपड़ा कारोबारी का कहना है कि इन दिनों शादी विवाह के लिए खरीदारी करने वालों ने ज्यादा खरीद शुरू कर दी है। सामान्य ग्राहक तो डिजिटल भुगतान कर रहा है। अधिकारी वर्ग के कई क्लाइंट हैं, जो अच्छी खासी संख्या में दो हजार रुपये के नोट लेकर आ रहे हैं।