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अब नहीं हो सकेगा वक्फ संपत्तियों पर कब्जा

Tue, 24 Sep 2013 02:31 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
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सूबे में वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना अब दंडनीय अपराध होगा। इसके लिए सरकार वक्फ कानून में बड़ा संशोधन करने जा रही है।
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इस संशोधन के अमल में आने के बाद वक्फ संपत्तियों पर काबिज फर्जी किरायेदारों को बेदखल कर दंडित किया जा सकेगा।

संशोधन प्रस्ताव पर न्याय विभाग की राय ली जा रही है। इसके बाद इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।

प्रदेश में कुल 122839 वक्फ संपत्तियां हैं। इनमें ज्यादातर पर अवैध कब्जे बढ़ते ही जा रहे हैं। कई स्थानों पर तो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधक (मुतवल्ली) ही जमीनों को बेचकर अवैध कब्जे करवा रहे हैं।

वक्फ अधिनियम 1995 के तहत वक्फ संपत्तियों का खरीदना व बेचना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में यह ‘खेल’ हो रहा है।

वक्फ संपत्तियों के अवैध कब्जे हटाने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 54, 55 में व्यवस्था दी गई है। इनमें अस्थाई प्रकृति के अतिक्रमण ही जिला प्रशासन हटवाता है।
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अधिनियम में व्यवस्था न होने के कारण स्थायी अतिक्रमण करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। इसे देखते हुए ही सरकार वक्फ कानून में बड़ा परिवर्तन करने जा रही है।

इसके तहत वक्फ संपत्तियों के कब्जे को दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाने की तैयारी है। प्रत्येक जिले के डीएम व एसएसपी को कब्जा हटवाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

डीएम वैसे भी वक्फ संपत्तियों के अपर सर्वेक्षण आयुक्त होते हैं। वहीं कब्जे हटाने के लिए पुलिस बल मुहैया कराने की जिम्मेदारी एसएसपी की होगी।
 
स्थाई अवैध निर्माण पर भी होगा संशोधन
वक्फ की संपत्तियों पर स्थाई प्रकृति के अवैध निर्माण को लेकर भी वक्फ कानून में संशोधन किया जा रहा है।

इसके तहत स्थाई अवैध निर्माण जैसे भवन, मकान या दुकानों को अब तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि सरकार इन इमारतों को मय जमीन वक्फ बोर्ड के हवाले कर देगी। वक्फ बोर्ड किसी दूसरे काम में इनका उपयोग कर सकेगा।

प्रदेश में वक्फ संपत्तियां
वक्फ अलल खैर
इसमें ऐसी संपत्तियां आती हैं जिनमें मुस्लिम समुदाय के लोग अलग-अलग तरह से इबादत करते हैं। जैसे-मस्जिद, इमामबाड़ा, ईदगाह, दरगाह व कब्रिस्तान आदि। सूबे में इस श्रेणी की कुल 117056 वक्फ संपत्तियां हैं।
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वक्फ अलल औलाद
ये ऐसी संपत्तियां होती हैं जिनमें एक हिस्से को वक्फ के लिए दे दिया जाता है, जबकि बाकी हिस्सा अपनी औलाद के लिए रख लिया जाता है। इन संपत्तियों का प्रबंधन दान करने वाले की औलादों के हाथ में होता है। सूबे में इस श्रेणी की कुल 5783 वक्फ संपत्तियां हैं।
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