सूत्रों की मानें तो सरकार दूसरी शिक्षक भर्ती कराने के लिए नई एजेंसी का चयन भी कर सकती है। लिखित शिक्षक भर्ती के परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया जा सकता है। बता दें कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से परिषदीय विद्यालयों के लिए हुई पहली शिक्षक भर्ती परीक्षा लगातार विवादों में रही।
परीक्षा के आयोजन से पहले मानक में बदलाव, परीक्षा परिणाम जारी होने पर 68500 में मात्र 41556 परीक्षार्थियों का सफल होना, मूल्यांकन में गड़बड़ी, हाईकोर्ट में मूल्यांकन के दौरान कॉपी बदलने का खुलासा होना और अंत में सचिव परीक्षा नियामक का निलंबन व शिक्षाधिकारियों के तबादले शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं।