डीजीपी ने बताया कि चुनाव की तैयारियों और चुनौतियों को लेकर पहले ही विस्तृत निर्देश पुलिस कप्तानों को भेजे जा चुके हैं। सभी थानों पर बीटवार ग्राम, मोहल्ले के हिसाब से चुनाव और भूमि विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्टर में तमाम जानकारियों के साथ गांवों के ऐसे विवाद जिसे लेकर चुनाव में मुद्दा बन सकता है, इसका भी विवरण दर्ज करने के लिए कहा गया है। पंचायत चुनाव में संभावित प्रत्याशियों का नाम, पता और उनका पूर्व आपराधिक इतिहास का विवरण भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देश दिए गए हैं कि गांव स्तर पर जो भी विवाद हों उनका निपटारा कराएं। जिन मामलों में आपसी समझौता नहीं हो पा रहा है उन मामलों में निरोधात्मक कार्रवाई करें और जमीन से संबंधित विवादों में राजस्व विभाग से मिलकर मामलों का निपटारा कराएं।
डीजीपी ने कहा है कि थाने स्तर पर बनाए जा रहे रजिस्टर में संबंधित गांवों के सभी तरह के विवादों को दर्ज करना होगा। थानाध्यक्षों को इसका प्रमाण पत्र भी जिले के पुलिस कप्तान के पास भेजना होगा।
इसके बाद भी पुलिस की लापरवाही से पुरानी रंजिश में कोई हत्या, बलवा या कोई और घटना होती है तो इसकी सीधी जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान अभी भले ही न हुआ हो, लेकिन तैयारी शुरू कर दी गई है। डेढ़ माह पहले ही सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्हें हर स्तर के विवाद का निपटारा समय रहते करने के निर्देश दिए गए हैं।