शिक्षा विभाग के चचा अपने कारनामों को लेकर आए दिन चर्चा में रहते हैं। हाल में वे कार्यकाल बढ़वाने के लिए जुगाड़ बैठाने को लेकर चर्चा में हैं।
जो चचा शासन में बैठे अधिकारियों को सेटते तक नहीं थे, उन्हें विभागीय कामकाज से आने-जाने के लिए नई चमचमाती कार मंगाकर दे दी।
विभागीय अधिकारी इसके निहितार्थ निकाल रहे हैं। अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं कि उनका हृदय परिवर्तन हो गया है। तर्क दे रहे हैं कि हो न हो, चचा इसके बहाने स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हों।
वजह, कार्यकाल बढ़ाने संबंधी फाइल इसी अधिकारी को आगे बढ़ानी है, अब देखना यह है कि इस कार में बैठ कर अधिकारी चचा के कार्यकाल का सफर कितना लंबा कराते हैं।
चचा शासन ही नहीं सत्ता को भी साधने में पीछे नहीं हैं। विभाग में चर्चा है कि सैफई महोत्सव में भी जाने का रिकॉर्ड उन्होंने तोड़ा है।
सरकारी कामकाज छोड़कर सैफई महोत्सव में एक बार नहीं बल्कि कई चक्कर लगाए। यह चक्कर इसलिए कि शायद नजरें इनायत हो जाएं। खैर यह तो समय बताएगा कि कार और सैफई का चक्कर कितना रंग लाता है।