बेमौसम बारिश व ओले से नुकसान का जायजा लेने आई केंद्रीय टीम ने जमीनी हकीकत देखने के बाद माना है कि सूबे में फसलों को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। जो फसलें खेतों में खड़ी भी हैं उनमें दाना ठीक से नहीं बना है।
टीम ने मुख्य सचिव आलोक रंजन से केंद्र के नए मानक के अनुसार जल्द से जल्द नया सर्वे करवाकर मेमोरेंडम भिजवाने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव ने टीम से प्रदेश सरकार के स्तर से उठाए गए राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए तत्काल 1000 करोड़ रुपये जारी कराने की मांग की। केंद्र को 1078.68 करोड़ के नुकसान की नई सूचना भी दे दी गई है।
तीन दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों का जायजा लेने के बाद केंद्रीय टीम शुक्रवार को राजधानी लखनऊ लौट आई। तीन अलग-अलग टीमों में बंटे दल का नेतृत्व संयुक्त सचिव कृषि मंत्रालय डॉ. आशीष भूटानी ने किया।
दल ने लौटकर मुख्य सचिव आलोक रंजन, राहत आयुक्त लीना जौहरी व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। टीम ने माना कि फसलों को काफी नुकसान हुआ है और गेहूं की जो फसल अभी खेतों में खड़ी है उसमें दाना ठीक नहीं है। टीम ने माना कि उत्पादन घटने की आशंका भी बढ़ गई है।