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विज्ञान महोत्सव में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने युवाओं को दी देश को शीर्ष पर ले जाने की जिम्मेदारी

Sat, 06 Oct 2018 12:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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विज्ञान महोत्सव
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि हमारे पास सबसे अधिक युवा शक्ति है और इसका उपयोग करके देश को शीर्ष पर ले जाने का सबसे उपयुक्त समय भी अभी है। आने वाले 20 साल में हमारे पास इतनी युवा शक्ति नहीं होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक नए भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए युवा वैज्ञानिकों को योगदान सुनिश्चित करना होगा।

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डॉ. हर्षवर्धन  शुक्रवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चौथे भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) और यंग साइंटिस्ट कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे।
  
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे कर्मठ युवा वैज्ञानिकों के लिए सरकार इनोवेशन पार्क, टेक्नोलॉजी पार्क, स्टार्टअप योजना जैसे प्रयास कर रही है। युवा वैज्ञानिक भी अपने आइडिया और शोध के आउटपुट को समाज के लिए उपयोगी बनाएं।
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अब समय आ गया है कि कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) की तरह वैज्ञानिकों की भी साइंटिफिक सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (एसएसआर) तय की जाए। इस दौरान आईआईटी कानपुर, आइसर कोलकाता, केआईआईटी इन्क्यूबेटर, आईआईटी खड़गपुर के अलावा देश भर से आए युवा वैज्ञानिकों ने अपने प्रजेंटेशन दिए।

ग्रामीण इलाकों तक पहुंचा रहे जांच तकनीक

केंद्र सरकार की मदद से 2009 में अचीरा लैब नामक स्टार्टअप शुरू करने वाले डॉ. धनंजय देंडीकुरी ने बताया कि देश के दूर-दराज के इलाकों में मरीजों की जांच लैब स्थापित करना सबसे कठिन काम है। ज्यादा लागत के अलावा तकनीकी स्टाफ की कमी भी बड़ी समस्या बनती है। ऐसे में एक छोटी मशीन का उपयोग कर आठ सबसे जरूरी टेस्ट कराए जाने की शुरुआत की गई। नमूने की जांच के बाद मशीन रिपोर्ट जारी कर देती है। जरूरी प्रशिक्षण के बाद कोई भी व्यक्ति इस मशीन का उपयोग कर सकता है। 
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शाम तक लगी पंजीकरण की लाइन

विज्ञान महोत्सव में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराने को शाम तक लाइन लगी रहीं। आयोजकों ने गेट नंबर-1, गेट नंबर-2 पर पंजीकरण काउंटर बनाए हुए थे। दोनों ही काउंटर्स पर प्रतिनिधिमंडल, विजिटर्स के पास बनते रहे। पास नहीं बन पाने की वजह से सुबह के समय मुख्य प्रतिनिधियों और अलग-अलग संस्थानों से आए प्रमुख रिसोर्स पर्सन तक की एंट्री रुक गई। इसकी शिकायत होने पर सुरक्षाकर्मियों को कुछ लोगों को बिना पास के ही अंदर जाने की अनुमति देनी पड़ी।
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