प्रदेश सरकार ने केंद्र से मनरेगा योजना की तीसरी किस्त पाने के
लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों को उम्मीद है
कि जल्दी ही तीसरी किस्त में 434 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। प्रदेश को अब
तक 2,274 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
वर्ष
2012-13 में अनुमोदित श्रम बजट का आधा हिस्सा भी प्रदेश को नहीं मिल पाया
था। तब प्रदेश ने केंद्र से बजट मिलने में देरी की बात कही थी। पैसे के
इंतजार में काफी समय तक काम ही शुरू नहीं हो पाए थे।
तो केंद्र ने काम करने
की सुस्त रफ्तार का आरोप लगाया था। हालांकि इस बार ग्राम्य विकास विभाग
बदली रणनीति के तहत काम कर रहा है।
विभाग ने इस बार चालू वित्तीय वर्ष की
शुरुआत में ही पंचायतों को बजट का इंतजार किए बिना स्वीकृत श्रम बजट के
हिसाब से पंचायतों को काम करने को कह दिया था। अब पंचायतें एमआईएस पर काम
के ब्यौरे को अपडेट करने में भी पहले से सक्रिय नजर आ रही हैं।
विभाग
के एक आला अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में स्वीकृत 3,274 करोड़ रुपये में
से 2,274 करोड़ रुपये केंद्र से मिल चुके हैं।
अब जोर पैसे को तेजी से खर्च
कर स्वीकृत बजट का शेष 1000 करोड़ रुपये लाना और अतिरिक्त बजट प्राप्त करना
है। बताया तीसरी किस्त के रूप में 434 करोड़ रुपये जल्द मिलने की उम्मीद
है।