हज पर जाने वाले आजमीन पर इस बार 10 से 15 हजार रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने हाल ही मुंबई हज हाउस में संपन्न राज्य हज कमेटियों की बैठक में हज यात्रा के हवाई किराए में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।
इससे हज यात्रियों को हवाई किराए में 55 से 60 हजार रुपये खर्च करने होंगे। मौजूदा समय में एक यात्री को 45 हजार रुपये खर्च करना पड़ता है। हवाई किराए में बढ़ोतरी की तैयारियों के पीछे केंद्र की भाजपा सरकार की हज सब्सिडी खत्म करने के फैसले को माना जा रहा है।
बैठक हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से बुलाई गई थी। इसमें केंद्रीय हज मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, हज कमेटी ऑफ इंडिया के सीईओ अताउर्रहमान, काउंसलर जनरल नूर आलम शेख, सऊदी एयरलाइंस के उसमान ख्वाजा, कस्टम के प्रशांत कुमार सहित देश भर की राज्य हज कमेटियों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
इसमें हज यात्रियों को आपदा से निपटने का प्रशिक्षण अनिवार्य करने, हज यात्रियों को हज पर 25 हजार रुपये नकदी ले जाने, दो हजार रुपये का नोट न ले जाने सहित कई निणयों की जानकारी दी गई थी।
हज कमेटी के उप कार्यपालक अधिकारी तनवीर अहमद ने बताया कि हज सब्सिडी खत्म करने की वजह से किराए में इजाफे का निर्णय हो सकता है।
वहीं, अभी रियाल के रेट अभी तय नहीं हुए हैं। उनका कहना है कि अगर रियाल के रेट बढ़े तो हवाई किराए समेत अन्य मदों में बढ़ोतरी हो सकती है।