उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ‘राम वन गमन मार्ग’ के पूरा होने से जहां चित्रकूट और अयोध्या में पर्यटकों की बेशुमार वृद्धि होगी, वहीं यह परियोजना आगामी महाकुंभ के आयोजन में आवागमन के लिहाज से उपयोगी साबित होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 452 करोड़ रुपये की राशि की मंजूरी दे दी है।
मौर्य ने मंगलवार को एनएचएआई एवं सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों की ओर से इस परियोजना के प्रस्तुतिकरण के दौरान ये विचार रखे। उन्होने निर्देश दिए कि प्रयागराज में आगामी महाकुंभ के पहले-पहले इस परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होने प्रयागराज में 4 लेन इनर रिंग रोड को भी महाकुंभ से पूर्व पूरा करने के निर्देश दिए।
राम वन गमन मार्ग के संरेखण के बारे में प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि इसका निर्माण 2 पैकेजों में प्रस्तावित किया गया है। प्रथम पैकेज की लंबाई 54.50 किमी और द्वितीय पैकेज की लंबाई 46.80 किमी है। प्रथम पैकेज के अंतर्गत श्रंगवेश्वर धाम के निकट गंगा नदी पर 1 किमी लंबा दीर्घ सेतु और राजापुर के पास महेवा घाट पर यमुना नदी पर लगभग 600 मीटर लंबाई का दीर्घ सेतु बनाया जाएगा।
राम वन गमन मार्ग परियोजना की कुल लम्बाई 102 किमी होगी, इसमें 2 दीर्घ सेतु, 2 आरओबी और 2 फ्लाई ओवर निर्मित किये जाने प्रस्तावित हैं। परियोजना की 102 किमी लंबाई में से लगभग 60 किमी लंबाई हरित क्षेत्र से होकर जाएगी। परियोजना के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार ने 452 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दे दी है।