ऑपरेशन सद्भावना के तहत हुआ आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ऑपरेशन सद्भावना के तहत भारतीय सेना ने स्पीति घाटी में साढ़े दस हजार फीट की ऊंचाई पर सूर्या स्पीति चैलेंज(मैराथन) एवं सूर्या ड्रोनाथन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस मौके पर मध्य कमान के सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता उपस्थित रहे।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष की मैराथन में डेढ़ हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। इनमें 800 स्थानीय धावक, 700 सशस्त्र बल कर्मी और पूरे भारत से 32 शीर्ष एथलीट शामिल रहे। धावकों ने 77 किमी कुंजुमला- काज़ा कमांडो रन (स्पीति अल्ट्रा), 42 किमी फुल मैराथन(स्पीति नदी पर दौड़), 21 किमी हाफ मैराथन(द बॉर्डर डैश) एवं दस 10 किमी हाईलैंड डैश में अपने कौशल का परिचय दिया। पीआरओ ने आगे बताया कि 10 से 24 अगस्त तक सूर्या ड्रोनाथन आयोजित किया गया। जोकि अपनी तरह की पहली हाई एल्टीट्यूड ड्रोन प्रतियोगिता थी। यह आयोजन केवल ड्रोन उड़ाने के बारे में नहीं रहा, बल्कि स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने का था। द्रोणनाथन सेना, नवप्रवर्तकों और उद्योग के बीच एक सीधा संपर्क बन गया। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्र ने प्रतिभागियों की सराहना की। मैराथन ने सैन्य-नागरिक संबंधों को मज़बूत किया, युवाओं को प्रेरित किया और मानवीय भावना का उत्सव मनाया।
ये रहे विजेता
नायक हेत राम ने 77 किमी की पुरुष स्पीति अल्ट्रा रेस छह घंटे बाइस मिनट नौ सेकेंड में पूरी कर जीत हासिल की। तेनज़िन डोल्मा ने महिला वर्ग में सात घंटे 56 मिनट 21 सेकंड के समय में रेस पूरी कर फुल मैराथन जीती। कलम सिंह बिष्ट जैसे अनुभवी और सोनम स्टैनज़िन जैसे उत्साही युवाओं ने भी अपनी छाप छोड़ी।