मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित सहित 19 जिलों में 28 बड़े गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। कई जिलों में एक से अधिक गौ संरक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए एकमुश्त 33.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने छुट्टा गौवंश के संरक्षण के लिए गौ आश्रय स्थलों की स्थापना का एलान किया था। बुंदेलखंड सहित कई जिलों में पहले ही इसके लिए बजट मंजूर किया जा चुका है।
प्रमुख सचिव पशुधन भुवनेश कुमार ने कहा कि गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए स्वीकृत किए जा रहे प्रति केंद्र 1. 20 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की आवश्यकता हो तो जिलाधिकारी मनरेगा, ग्राम पंचायत की संचित निधि, वित आयोग, खनिज विकास निधि, राइफल निधि, जिला पंचायत निधि, क्षेत्र पंचायत निधि, सांसद क्षेत्र विकास निधि व विधायक क्षेत्र विकास निधि से सहयोग लेकर इसे पूरा करा सकेंगे।
भुवनेश ने कहा है कि बृहद गौ संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था के चयन व केंद्रों का निर्माण कराकर उसके संचालन की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों की होगी। प्रमुख सचिव ने कहा है स्वीकृत की गई धनराशि खर्च करने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि निर्माण के लिए उपलब्ध भूमि पूरी तरह से निर्विवाद है।
इन जिलों में बनेंगे : गोंडा, खीरी, बदायूं, बस्ती, फतेहपुर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, कौशांबी, बरेली, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, गाजियाबाद व शामली में एक-एक। उन्नाव, हरदोई, रायबरेली व बुलंदशहर में दो-दो, मथुरा में तीन तथा प्रतापगढ़ में चार।