लखनऊ। दस दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव के अंतिम दिन रंगारंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन की घोषणा की गई। इस दौरान तीन विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजा गया। इन विभूतियों में कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत, वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन नौटियाल और डॉ. सुरेश चंद्र फुलारा को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आयोजन में नहीं पहुंचे सके। उन्होंने ऑनलाइन संदेश के माध्यम से उत्तराखंड महापरिषद को आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि उत्तराखंड महापरिषद की ओर से अपनी संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय हैं। मंच पर अतिथि के रूप में मौजूद विधायक ओपी श्रीवास्तव का महापरिषद के पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिह्न व उत्तराखंडी टोपी भेंट कर सम्मान किया। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के पूरन सिंह जीना व महेंद्र गैलाकोटी ने बताया कि मंगलवार को दोपहर में छोलिया नृत्य के साथ ही बच्चों ने जूडो-कराटे, गायन और नृत्य प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने पहाड़ी डांस, शिव तांडव, गायन के साथ ही झोड़ा प्रतियोगिता, नाचेगा भारत, डांस उत्तराखंड डांस प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने फाइनल राउंड में शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। झोड़ा प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में सविता बिष्ट, शोभा पटवाल, मंजू पांडेय, राजेंद्र सिंह बिष्ट और सुशीला नेगी के दलों ने प्रदर्शन किया।
नाचेगा भारत के फाइनल राउंड में रीना श्रीवास्तव, डॉ. श्रेया, अनीता सिंह, मनीष त्रिपाठी, संगीता अहूजा, रेनू कांडपाल के दलों ने सभी को खूब झुमाया। डांस उत्तराखंड डांस प्रतियोगिता में कामना बिष्ट, राधा बोरा, सुशीला नेगी, पिंकी नौटियाल, सार्थक रावत और प्रियंका बिष्ट के दलों की प्रस्तुतियां सराही गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों और कलाकारों को महापरिषद की ओर से सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां
उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजी गईं विभूतियां