फुटेज में दिखा कि सबसे पहले हंजला व मुनीर को गोली मारी गई। जब फरहीन बाहर निकलीं तो बेटे को खून से लथपथ देख सन्न रह गईं। चंद सेकेंड के लिए ऐसा लगा कि वह हमलावरों से मिन्नत कर रही हैं लेकिन तभी फराज ने अपने पिता लल्लन से राइफल छीनकर उनको भी गोली मार दी। फुटेज से साफ है कि फरहीन जान की भीख मांगती रहीं मगर हमलावर गोलियां दागते रहे।
फरीद का कहना है कि उनका सीधा कोई विवाद ही नहीं था। पैमाइश को लेकर उनके पास समन आया था। वह मौके पर पहुंचे भी नहीं थे। बीच रास्ते से ही लौट आए थे। फरीद के मुताबिक पता नहीं क्यों कि उनके परिवार को निशाना बनाकर हत्या कर दी। जो भी विवाद था वह तैयब व अन्य लोगों से था। फरीद बोले- अब तो मेरा सबकुछ खत्म हो गया। सरकार, पुलिस और प्रशासन से मेरी बस यही गुजारिश है कि आरोपियों का एनकाउंटर हो। उनके घर पर बुलडोजर चले।