एटीएम से रकम निकालते समय अगर ग्राहक को नोट नहीं मिलते हैं तो कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सबूत होगी। ऐसी शिकायत मिलने पर बैंक को फुटेज सुरक्षित रखनी चाहिए।
जिला उपभोक्ता फोरम द्वितीय ने आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से कैश न निकलने और खाते से रकम डेबिट होने के एक मामले में ये आदेश दिया है।
तेलीबाग के घोसियाना निवासी व सेना के जवान मृत्युंजय कुमार सिंह 22 अप्रैल 2011 को कूलर खरीदने के लिए एसबीआई डेबिट कार्ड से 5,000 रुपये निकालने का फैसला किया।
इसके लिए कैंट स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम बूथ पर पहुंचे। उन्होंने एटीएम से रकम निकालने के लिए प्रक्रिया की, लेकिन नोट नहीं निकले। इसके बावजूद खाते से 5,000 रुपये डेबिट हो गए।
मृत्युंजय ने शिकायत दर्ज कराने के लिए बैंक के फोन नंबर कॉल किया पर फोन रिसीव नहीं हुआ। अगले दिन उन्होंने बैंक मैनेजर से मिलकर शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि 27 जुलाई को एटीएम से वादी को धन निकासी होने की बात कहते हुए भुगतान करने से इन्कार कर दिया गया। इसके बाद मृत्युंजय ने जिला उपभोक्ता फोरम में अपील की।
वादी के अधिवक्ता एलपी यादव ने कहा, हमने एटीएम से कैश निकासी की सीसीटीवी फुटेज मांगी थी, लेकिन बैंक इसे फोरम के समक्ष उपलब्ध नहीं करा सका। आईसीआईसीआई बैंक को 5,000 रुपये 22 अप्रैल 2011 से नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ अदा करने होंगे।
इसके अलावा मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए 3,000 रुपये हर्जाना और 2,000 रुपये विधिक व्यय का भुगतान करना होगा। फोरम ने साफ किया है कि शिकायत मिलने पर फुटेज को सबूत के तौर पर उपयोग करना चाहिए था।