लखनऊ। अलीगंज स्थित हर्षा अस्पताल में बच्चे की मौत की जांच के लिए कमेटी ने संचालक से सीसीटीवी फुटेज, इलाज संबंधी दस्तावेज व डॉक्टरों का रिकॉर्ड मांगा है। अस्पताल संचालक और पीड़ित परिवारीजनों को बयान के लिए बुलाया है। कमेटी का कहना है कि फुटेज और इलाज से जुड़े दस्तावेज के आधार पर कार्रवाई होगी।
सीतापुर के मछरेहटा निवासी इंद्र प्रकाश आंत में समस्या होने पर तीन वर्षीय बेटे हर्षित को सोमवार रात केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे थे। काफी इंतजार के बाद उन्हें बेड नहीं मिला था। आरोप है कि दलाल ने हर्षा अस्पताल में बेहतर इलाज का झांसा लेकर भर्ती करा दिया। चाचा सुमित ने आरोप लगाया कि पूरी रात अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। मैनेजर व स्टाफ ने फोन से दवा पूछकर इलाज किया, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों के हंगामे पर पुलिस पहुंची थी। नर्सिंग होम नोडल अफसर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।