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आपके घरों-दुकानों के कैमरे भी 112 से जुड़े

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आपके घरों-दुकानों के कैमरे भी 112 से जुड़े
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आपके घरों व दुकानों पर लगाए गए कैमरों को 112 सेवा से जोड़ दिया गया है। इनकी संख्या 14,500 है। राजधानी में आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधियों पर नकेल कसने केलिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों का यह जाल बिछाया गया है।
इससे सड़कों पर होने वाली वारदातों या इसके बाद अपराधियों के रास्तों की जानकारी आसानी से होगी। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक राजधानी में आईटीएमएस व दृष्टि ने कुल 1000 कैमरे लगवाए हैं।
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इसके अलावा 1156 कैमरे बैंकों की ओर से लगवाए गए हैं, जिनकी जद में राजधानी की सड़कें आती हैं। वहीं, 12,188 कैमरे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो आम लोगों व व्यापारियों ने अपने घर व खुद की सुरक्षा में लगवाए हैं।
इनकी निगरानी में उनके घर व दुकान के सामने से निकलने वाली सड़कें आती हैं। इन कैमरों की पुलिस ने सूची तैयार कर 112 सेवा से जोड़ लिया है, ताकि इनकी मदद से अपराधियों पर नियंत्रण किया जा सके।
इसके लिए एडीजी 112 असीम अरुण और पुलिस कमिश्नर ने बैठक कर नई व्यवस्था को रविवार रात को अंतिम रूप दिया।
तैयार हो रही खराब कैमरों की सूची
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस ने दो महीने में सीसीटीवी कैमरों की सूची तैयार की है। इसमें 14,500 कैमरों की संख्या तय हुई है। इनमें कितने कैमरे खराब हैं, इसका पता लगाने को एक टीम लगाई गई है। संबंधित कैमरे के मालिक से बातचीत कर उसे ठीक कराया जाएगा।
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इंट्रीगेटेड सिस्टम आएगा काम
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक इन कैमरों को दो महीने के अंदर इंट्रीग्रेटेड सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके बाद कंट्रोल रूम तैयार कर निगरानी शुरू की जाएगी। पुलिस इसकी मॉनीटरिंग करेगी। इस नए प्रयोग से आने वाले छह महीने में लखनऊ काफी सुरक्षित हो जाएगा।
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