मनरेगा घोटाले की जांच के तहत विभिन्न जिलों में दस्तावेजों का संकलन करने गई सीबीआई की टीमें वापस आ गई हैं।
टीमों के हाथ घोटाले से संबंधित कई दस्तावेज हाथ लगे हैं जबकि अभी कई फाइलें सीबीआई को नहीं मिल सकी हैं।
सीबीआई के अफसरों का कहना है कि फिलहाल जितने दस्तावेज हाथ लगे हैं, उनके अध्ययन की कवायद शुरू कर दी गई है।
हासिल पत्रावलियों में योजना में हुई अनियमितताओं से संबंधित साक्ष्यों को अलग किया जा रहा है।
सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि जिन पांच जिलों में टीमों को भेजा गया था, वहां लगभग सभी जिलों से अभी कई और दस्तावेज हासिल होने हैं।
फिलहाल जो दस्तावेज मिल गए हैं, उनका अध्ययन शुरू हो गया है।
इनमें साक्ष्यों को स्टेट क्वालिटी कंट्रोलर की रिपोर्ट में सामने आई कमियों के आधार पर बिंदुओं को अलग किया जा रहा है।
इस कवायद में अभी कुछ दिन और लगने हैं। इसके बाद ही सीबीआई बयान आदि दर्ज करने की औपचारिकता शुरू करेगी।
सीबीआई की टीमों ने पिछले दिनों बलरामपुर, गोंडा, सोनभद्र, महोबा और कुशीनगर जिलों में घोटाले से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे।
सीबीआई अफसरों की मानें तो जिलों से मिले दस्तावेजों के अध्ययन से यह काफी हद तक साफ हो रहा है। किस जिले में किस मामले में कितनी अनियमितता की गई और किस तरह सरकारी रकम का दुरुपयोग हुआ।
उधर, सीबीआई की क्राइम ब्रांच व देहरादून इकाई ने भी मनरेगा घोटाले में आवश्यक दस्तावेजों को हासिल कर लिया है।