यूपीपीसीएल के कर्मचारियों के पीएफ को निजी कंपनियों में निवेश करने के मामले में सीबीआई ने यूपीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन आलोक कुमार और पूर्व एमडी अपर्णा यू के बयान दर्ज किए। इन दोनों अधिकारियों को सीबीआई ने बयान दर्ज कराने के लिए अपने दफ्तर बुलाया था।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने आलोक कुमार और अपर्णा यू से पीएफ के पैसे को निवेश करने को लेकर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उसमें उनके योगदान के बारे में सवाल किए गए।
सीबीआई के अधिकारियों ने पूछा कि यह पूरा मामला उनके संज्ञान में कब आया और कार्रवाई कब की गई। सूत्रों ने यह भी बताया कि पूर्व चेयरमैन और एमडी ने अपने अपने बयान में यही बताया कि पीएफ के पैसे का निवेश कहां करना है, यह ट्रस्ट और वित्त निदेशक मिलकर तय करते थे। जब अनधिकृत तरीके से निवेश की जानकारी मिली तो कार्रवाई की गई।
बता दें कि पिछले वर्ष यूपीपीसीएल में कर्मचारियों के पीएफ की लगभग 4 हजार करोड़ की रकम को गलत तरीके से दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में निवेश करने का मामला समाने आया था।