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ब्लैक लिस्टेड कॉलेज का केस घूस देकर सुलझाने के मामले में सीबीआई ने ट्रस्ट के ठिकानों पर मारा छापा

Thu, 21 Sep 2017 06:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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मेडिकल कॉलेज को ब्लैकलिस्ट करने के सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस को रिश्वत के जरिये सुलटाने के प्रयास के मामले में सीबीआई ने बुधवार को प्रसाद एजूकेशन ट्रस्ट के प्रबंधकों के लखनऊ स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने उड़ीसा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आईएम कुद्दूसी के मकान पर भी छापा मारा।
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ट्रस्ट के पदाधिकारियों के गोमतीनगर में एल्डिको ग्रीन स्थित आवास संख्या 135, 136 के साथ ही रिटायर्ड जस्टिस आईएम कुद्दूसी के हजरतगंज स्थित मकान पर छापेमारी के दौरान काफी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सीबीआई इस मामले में जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां कर सकती है।

जानकारी के अनुसार, बीपी यादव और पलाश यादव प्रसाद एजूकेशन ट्रस्ट के तहत सराय शहजादी, बंथरा, लखनऊ में प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस का संचालन करते हैं। मानकों को पूरा न करने पर केंद्र सरकार ने इस इंस्टीट्यूट को 45 अन्य संस्थानों के साथ काली सूची में डाल रखा है।
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बीपी यादव और पलाश यादव ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के इस फैसले को चुनौती दी थी। इस पर शीर्ष अदालत ने इस संबंध में दायर सभी याचिकाओं को क्लब करते हुए 1 अगस्त को सरकार को निर्देश दिए थे कि वह इन मामलों पर नए सिरे से विचार करे। इस पर केंद्र सरकार ने इन कॉलेजों में दो साल के लिए नए एडमिशन पर रोक लगा दी। वहीं, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को निर्देश दिया कि उक्त कॉलेज से दो करोड़ रुपये की बैंक गारंटी वसूल की जाए।
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याचिका दाखिल कर ले लिया स्टे

इसके बाद प्रसाद एजूकेशन ट्रस्ट के प्रबंधकों ने वेंकटेश्वर मेडिकल कॉलेज के सुधीर गिरि के माध्यम से उड़ीसा हाईकोर्ट से रिटायर्ड जस्टिस आईएम कुद्दूसी और उनकी पत्नी भावना पांडेय से संपर्क किया। इस मामले को निपटाने के लिए सभी ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।

कुद्दूसी की सलाह पर सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई और केंद्र द्वारा लगाई गई पाबंदियों पर स्टे ले लिया गया। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर स्टे का विरोध किया।
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