सीबीआई के 60 सदस्यों की आठ टीमों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में छापा मार दिया। व्यापक पैमाने पर हुई छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने कई अनुभागों में गहनता से जांच-पड़ताल की।
सीबीआई की यह कार्रवाई चार से पांच दिनों तक चलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे आयोग में हड़कंप की स्थिति है। सीबीआई की टीम सुबह 11 बजे के आसपास एसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में आयोग पहुंची। डिप्टी एससी और एएसपी के नेतृत्व में सीबीआई के कुल 60 सदस्यों की अलग-अलग आठ टीमों ने आयोग के विभिन्न अनुभागों में छापा मार दिया।
टीमों ने अनुभागों में रखे दस्तावेजों की गहनता से जांच-पड़ताल शुरू कर दी। इस बीच आयोग के कुछ अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने मौके से उन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है, जो आयोग से मांगे गए थे लेकिन आयोग ने संबंधित दस्तावेज सीबीआई को नहीं दिए थे।
इसके अलावा सीबीआई ने पूर्व में आयोग से मिले दस्तावेजों का वहां रखे अभिलेखों से मिलान भी कराया और पड़ताल की कि आयोग ने जो अभिलेख उपलब्ध कराए हैं, वे सही हैं या नहीं। इनकी चार्ट फाइलिंग भी की जा रही है। सीबीआई के एसपी राजीव रंजन शाम को कैंप कार्यालय लौट आए लेकिन बाकी टीमें देर रात तक आयोग में डटी रहीं और जांच-पड़ताल जारी रही।