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अवैध खनन घोटाला: पूर्व मंत्री और चार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

Wed, 10 Jul 2019 08:41 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डीएम के आवास पर छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
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अवैध खनन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने मंगलवार को दो एफआईआर दर्ज करते हुए तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और चार आईएएस अधिकारी 1985 बैच के जीवेश नंदन, 2007 बैच के अभय, 2009 बैच के विवेक और संतोष कुमार को नामजद किया है। एक अन्य आईएएस बी चंद्रकला के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

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मंगलवार को सीबीआई ने लखनऊ में फतेहपुर में जिलाधिकारी रहे अभय और देवरिया के जिलाधिकारी रहे विवेक के घरों की तलाशी ली। बुलंदशहर में बतौर जिलाधिकारी तैनात अभय के सरकारी आवास से सीबीआई ने 47 लाख रुपये बरामद किए हैं। 

वहीं लखनऊ में गोल्फ सिटी स्थित विवेक के आवास से संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज, गौतमबुद्घ नगर,  गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, फतेहपुर और बुलंदशहर में 12  स्थानों पर छापेमारी की है। आजमगढ़ में बतौर सीडीओ तैनात देवी शरण उपाध्याय के आवास से सीबीआई ने 10 लाख रुपये कैश बरामद किए हैं। उपाध्याय देवरिया में लंबे समय तक एडीएम के पद पर तैनात रह चुके हैं।
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लखनऊ में गोल्फ सिटी में मकान नंबर बी 1-025 पर सुबह आठ बजे सीबीआई की टीम पहुंची और पड़ताल शुरू की। यह मकान देवरिया में जिलाधिकारी रह चुके विवेक का है। छापे के समय विवेक और उनका परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे। 

दिल्ली से आई सीबीआई की टीम यहां लगभग चार घंटे मौजूद रही और ने यहां से कई अहम दस्तावेज बरामद कर अपने साथ ले गई। इन दस्तावेजों में कई संपत्तियों के पेपर शामिल हैं। विवेक फिलहाल कौशल विकास मिशन में बतौर निदेशक तैनात हैं।

गायत्री के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामला

सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने अपनी एफआईआर में कहा है कि 31 मई 2012 को राज्य में रेत खनन के लिए नए पट्टों के आवंटन और नवीनी करण के लिए ई-टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया था। जिसे न्यायालय में चुनौती दी गई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 29 जनवरी 2013 को राज्य सरकार के इस फैसले को बरकरार रखा। तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पट्टाधारक शिव सिंह और सुखराज ने नियमों के विरुद्घ जाकर अपने पट्टों का नवीनीकरण करा लिया।

फतेहपुर के जिलाधिकारी रहे अभय पर आरोप है कि उन्होंने बतौर जिलाधिकारी सुखराज की मदद की और 2014 में सरकार की ई टेंडर नीति का उल्लंघन करते हुए सुखराज के पक्ष में खनन की लीज आवंटित कर दिया। इसी तरह देवरिया में जिलाधिकारी रहे विवेक पर आरोप है कि उन्होंने बतौर देवरिया जिलाधिकारी शारदा यादव के पट्टे के नवीनीकरण की अनुमति नियमों को दरकिनार करते हुए दी।

पिछले महीने गायत्री के ठिकानों पर पड़े थे छापे
अवैध खनन मामले में सीबीआई ने 21 जून को पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, एमएलसी रमेश मिश्रा समेत आधा दर्जन नेता व ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज बरामद किए थे। यह छापेमारी दिल्ली, गाजियाबाद, लखनऊ, अमेठी, हमीरपुर और जालौन में की गई थी। इस दौरान अहम दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर हार्ड डिस्क और अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। अब गायत्री को सीबीआई ने इसी मामले में नामजद कर लिया है। गायत्री प्रसाद प्रजापति फिलहाल दुष्कर्म के एक आरोप में लखनऊ जेल में बंद है।
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ये था मामला

बता दें कि सीबीआई ने दो साल पहले हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया, शामली और सिद्घार्थनगर में हुए अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर में छोटे अधिकारियों को नामजद किया गया था। लेकिन जैसे जैसे जांच का दायरा बढ़ता गया वैसे-वैसे जांच की आंच बड़े अधिकारियों तक भी पहुंचने लगी।

बी चंद्रकला के ठिकानों पर जनवरी में हुई थी छापेमारी
सीबीआई की टीम ने इसी वर्ष जनवरी में हमीरपुर में जिलाधिकारी रह चुकी बी चंद्रकला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें लखनऊ स्थित उनके आवास को भी सीबीआई ने खंगाला था और अहम दस्तावेज बरामद किए थे। सीबीआई के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी और बी चंद्रकला से घंटों पूछताछ की थी।

शुरुआती एफआईआर में नामजद किए गए थे छोटे अधिकारी    
अवैध खनन घोटाले में सीबीआई ने शुरुआती एफआईआर भी दिल्ली में दर्ज की थी। इस मामले की जांच हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई कर रही है। 30 जून 2017 को सीबीआई ने पहला रेगुलर केस दर्ज किया था। इस दौरान हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया, शामली और सिद्घार्थनगर में तैनात रहे जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों के बयान दर्ज किए थे। इसी वर्ष जनवरी में हमीरपुर में जिलाधिकारी रहीं बी चंद्रकला के खिलाफ अवैध खनन के मामलों में ही एफआईआर दर्ज करते हुए लखनऊ और नोएडा स्थित आवास समेत 12 स्थानों पर छापेमारी की थी। 
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