फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिवर फ्रंट घोटाले में सीबीआई की पूछताछ में खुलासा, रिश्तेदारों के खातों में जमा कराई गई करोड़ो की रकम

Tue, 24 Nov 2020 11:27 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

रिवर फ्रंट घोटाले के आरोपी अभियंता रूप सिंह यादव ने रिमांड पर पूछताछ के दौरान सीबीआई को कई अहम जानकारियां दी हैं। इसमें कमीशन में कई सौ करोड़ लेने और कमीशन की रकम से चल अचल संपत्ति बनाने की बातें भी शामिल हैं। अभियंता व वरिष्ठ लिपिक की रिमांड अवधि मंगलवार को समाप्त हो जाएगी।

विज्ञापन


सीबीआई ने इस घोटाले के आरोपी अभियंताओं में से एक रूप सिंह यादव और वरिष्ठ लिपिक को पिछले दिनों चार दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान सीबीआई ने अभियंता से अनियमितता के साथ कमीशनखोरी की रकम को लेकर तमाम सवाल किए।

सीबीआई ने उनसे पूछा कि डेढ़ हजार करोड़ से अधिक की लागत की इस परियोजना में 90 फीसदी बजट सिर्फ 60 फीसदी काम पर खर्च कर दिया गया। बजट को चरणबद्ध तरीके से व्यय किया जाता है। किसी भी परियोजना में हर काम के लिए अलग मद निर्धारित किया जाता है। परियोजना के कार्य और व्यय पर लेखा की नजर होती है।
विज्ञापन


हर कदम की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाती है। ऐसे में वह लोग किस तरह मनमानी कर सके। उनकी मनमानी पर किसी तरह की आपत्ति क्यों नहीं हुई। इस अनियमितता में कमीशन कि जो बंदरबांट हुई उसमें कौन कौन शामिल था।

विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में भी सामने आए थे ये तथ्य

सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि आरोपी अभियंता ने कबूला कि अभियंताओं के पास कमीशनखोरी की जो रकम आई उसे उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश कर दिया। खास तौर पर महिलाओं के नाम पर।

इसे आरोपियों ने आयकर की धाराओं की आड़ में कानूनी जामा पहनाने की कोशिश की। सूत्र बताते हैं कि पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में जो छानबीन की थी उसमें भी यह तथ्य सामने आए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें