सीबीआई के सूत्र बताते हैं कि आरोपी अभियंता ने कबूला कि अभियंताओं के पास कमीशनखोरी की जो रकम आई उसे उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश कर दिया। खास तौर पर महिलाओं के नाम पर।
इसे आरोपियों ने आयकर की धाराओं की आड़ में कानूनी जामा पहनाने की कोशिश की। सूत्र बताते हैं कि पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में जो छानबीन की थी उसमें भी यह तथ्य सामने आए थे।