पूरे मामले में उन्नाव पुलिस विधायक सेंगर को बचाने में लगी रही। 17 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया था कि नौकरी दिलाने के सिलसिले में रिश्तेदार महिला शशि सिंह 4 जून, 2017 को उसे विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के उन्नाव स्थित घर ले गई थी। वहां विधायक ने उससे दुष्कर्म किया। शिकायत के बावजूद उन्नाव पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर पीड़िता ने सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर आत्मदाह की कोशिश की थी।
मामले पर हंगामा होने पर सीएम ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। विधायक का प्रभाव ऐसा था कि जब पीड़िता का पिता मामले की पैरवी करने दिल्ली से उन्नाव पहुंचा तो बजाय सुनवाई के उसके ही खिलाफ अवैध शस्त्र रखने का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया गया। माखी थाने में विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर व समर्थकों ने उसे इतना पीटा कि गंभीर रूप से घायल पिता ने दम तोड़ दिया। इस मामले में थानेदार व एक अन्य दरोगा पर केस दर्ज कर दोनों को जेल भेजा जा चुका है।
चार्जशीट के अनुसार पीड़िता की मां ने 13 अप्रैल 2018 को उन्नाव के माखी थाने में बेटी से दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपा तो जांच में तेजी आई। जांच एजेंसी ने विधायक को गिरफ्तार कर 19 अप्रैल को सीबीआई कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया। सेंगर व शशि दोनों जेल में बंद हैं। दोनों को 13 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाएगा।